"सत्यशोधक चेतना, सामाजिक न्याय एवं समतामूलक भागीदारी का आधिकारिक संविधान"
राष्ट्रीय भागीदारी पार्टी
समता, समानता, सामाजिक न्याय एवं समावेशी विकास
संविधान हमारी पहचान, जन भागीदारी हमारा संकल्प
भारत के संविधान के मूलभूत सिद्धांतों—न्याय, स्वतंत्रता, समता और बंधुता—की रक्षा एवं देश के प्रत्येक नागरिक को शासन, प्रशासन व आर्थिक संसाधनों में उसकी वाजिब हिस्सेदारी दिलाने के लिए समर्पित राष्ट्रीय आंदोलन।
"आरक्षण, शोषित उत्थान एवं संपूर्ण सामाजिक भागीदारी के अमर नायक"
संविधान की रक्षा, लोकतंत्र की सुरक्षा
राष्ट्रीय भागीदारी पार्टी का मानना है कि भारत का संविधान ही 140 करोड़ नागरिकों का सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है। बाबासाहेब डॉ. बी.आर. आंबेडकर द्वारा रचित यह महान दस्तावेज हमें सामाजिक बराबरी और सम्मान से जीने का अधिकार देता है।
संविधान की उद्देशिका (Preamble)
हम, भारत के लोग, भारत को एक सम्पूर्ण प्रभुत्व-सम्पन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए, तथा उसके समस्त नागरिकों को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय; विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता; प्रतिष्ठा और अवसर की समता प्राप्त कराने के लिए...
सामाजिक न्याय
जाति, वर्ग, लिंग और धर्म के आधार पर किसी भी प्रकार के भेदभाव का समूल उन्मूलन।
समान हिस्सेदारी
विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका में सभी वर्गों का आनुपातिक प्रतिनिधित्व।
समान शिक्षा
केजी से पीजी तक आधुनिक, तकनीकी और गुणवत्तापूर्ण निशुल्क सरकारी शिक्षा।
युवा रोजगार
पारदर्शी समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया, पेपर लीक मुक्त तंत्र और उद्यमिता ऋण।
राष्ट्रीय भागीदारी पार्टी का वैचारिक आधार
हम केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि संवैधानिक अधिकारों और जन-भागीदारी का एक राष्ट्रव्यापी अभियान हैं।
पार्टी संविधान की प्रस्तावना
"प्रदेश में अति पिछड़ें, अति दलितों एवं पसमांदा समाज की कुल जनसंख्या 50% से अधिक है, परन्तु वे हर स्तर पर हाशिये पर हैं। भारत के लोकतंत्र में इनकी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिये यह आवश्यक है कि इन जातियों में अपना नेतृत्व उभारा जाय।"
राष्ट्रीय भागीदारी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व में समस्त जातियों का प्रतिनिधित्व केन्द्रीय अध्यक्ष मण्डल के माध्यम से सुनिश्चित किया गया है।
संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता
चुनाव आयोग, न्यायपालिका और जांच एजेंसियों की निष्पक्षता और संवैधानिक मर्यादा की रक्षा।
जातिगत एवं सामाजिक-आर्थिक गणना
सटीक आंकड़ों के आधार पर नीतियां बनाकर देश के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाना।
किसान एवं अन्नदाता स्वाभिमान
स्वामीनाथन आयोग के अनुसार लागत पर 50% लाभ की कानूनी एमएसपी गारंटी।
हमारे वैचारिक प्रेरणा-पुंज एवं महापुरुष
क्रांतिसूर्य महात्मा ज्योतिबाराव फूले जी के मार्गदर्शन में समतावादी भारत के अमर शिल्पी
पार्टी का शीर्ष नेतृत्व
डॉ. सत्येंद्र प्रसाद वर्मा
"संविधान केवल वकीलों का दस्तावेज नहीं है, यह जीवन का एक माध्यम है और हर नागरिक की ढाल है।"
श्रीमती अनुराधा राव
"सच्चा लोकतंत्र तभी साकार होगा जब अंतिम पंक्ति के व्यक्ति को सत्ता और संसाधनों में न्यायसंगत भागीदारी मिले।"
एडवोकेट विजय कुमार मौर्या
"संवैधानिक अधिकारों की रक्षा और न्यायपालिका में सभी वर्गों की भागीदारी हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।"
फोटो एवं वीडियो गैलरी
वीडियो गैलरी
दिल्ली में विशाल संविधान संरक्षण महारैली
संविधान के मूल्यों की रक्षा एवं समानुपातिक जन भागीदारी पर विशाल जनसभा।
संविधान उद्देशिका पाठन एवं शपथ समारोह
सामाजिक न्याय एवं संवैधानिक अधिकारों के प्रति जन-जागरूकता सम्मेलन।
राष्ट्रीय युवा रोजगार नीति प्रेस वार्ता
जातिगत गणना, शिक्षा और रोजगार के संवैधानिक अधिकारों पर मीडिया संवाद।